हिन्दी साहित्येतिहास -अति लघुउत्तरीय प्रश्न –cc-1 – By: Dr. Deepak Kr. Gupta

सही या गलत बताएँ :—-

1. इतिहास अतीत की परम्परा और प्रवृति का वर्तमान के संदर्भ में मूल्यांकन करता है ।  ( सही )

2.  इतिहास में घटनाओं का सबसे ज्यादा महत्व है।(गलत )

3 . इतिहास को वर्तमान से जोडना ठीक नहीं है । (गलत )

4  .इतिहास अतीत का ब्यौरा मात्र प्रस्तुत करता है। (गलत )

5. आचार्य रामचंद्र शुक्ल इतिहास लेखन में परम्परा पर           विशेष बल देते हैं ।  (गलत )

6.  आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने इतिहास लेखन में      परम्परा को विशेष महत्व प्रदान किया  है ।  (सही )

7.आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य को जनता की चित्तवृति         का प्रतिबिंब मानते हैं ।  (सही )

8. साहित्येतिहास के कालविभाजन का आधार राजनीतिक       होना चाहिए ।  (गलत )

9. साहित्येतिहास के कालविभाजन आधार भौगोलिक             होना चाहिए ।   (गलत )

10.साहित्येतिहास के कालविभाजन का आधार                      साहित्यिक  होना चाहिए ।  (सही )

11 .  साहित्येतिहास के कालविभाजन का आधार वैचारिक          होना चाहिए ।  (गलत )

12. अतीत का पुनर्मूल्यांकन इतिहास का चरम लक्ष्य है।       ( सही )

13.   इतिहासकार को मूल्यांकन का आधार वर्तमान से              प्राप्त होता है ।   ( सही )

14.   साहित्येतिहास साहित्य की अवरुद्ध चेतना को                   प्रदर्शित करता है ।    (गलत )

15.    सामग्री संकलन इतिहास लेखन की पूर्व पीठिका है ।              (सही )

16.   हिन्दी साहित्य का इतिहास सबसे पहले जाॅर्ज                     ग्रियर्सन ने लिखा है ।       ( गलत )

17.    हिन्दी साहित्य का इतिहास सबसे पहले गार्सा-द-                तासी ने लिखा है ।       ( सही )

18.    गार्सा-द-तासी की रचना `इस्त्तार द ला लितरेत्युर                  ऐन्दुस्तानी ‘ है ।       ( सही )

19.     मिश्रबंधु की रचना ‘शिव सिंह सरोज’ है। (गलत )

20.     शिव सिंह सेंगर की रचना ‘मिश्रबंधु विनोद’ है ।                   (गलत) 


                                 #  प्रस्तुति :       डॉ. दीपक  कुमार गुप्ता